Monthly Archives: December 2010

आवाहन


कहीं ऐसा ना हो ये देश कब्रिस्तान हो जाए जरूरी है कि अब ठंढी हवा तूफ़ान हो जाए रहोगे कब तलक सोते ही अब तो नीद से जागो ना हो ऐसा तुम्हारी सुब्ह ही वीरान हो जाए करो अब याद … Continue reading

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