Monthly Archives: February 2011

बसंत का स्वागत


बसन्ती आग में मुझको जलाओ न लो अंगडाइयाँ, अब पास आओ दिखेंगे बौर अब अमराइयों पर उन्हें सोचो, लजाओ, मुस्कराओ रखोगे मन में कब तक चाह मन की नयी कोपल दिखेंगी, मन बनाओ टहनियाँ गले मिल कुछ पूंछती हैं कि पहले … Continue reading

Posted in Uncategorized | Tagged | Leave a comment