Monthly Archives: April 2011

बसंत


बसन्ती आग में मुझको जलाओ न लो अंगडाइयाँ, अब पास आओ दिखेंगे बौर अब अमराइयों पर उन्हें सोचो, लजाओ, मुस्कराओ रखोगे मन में कब तक चाह मन की नयी कोपल दिखेंगी, मन बनाओ टहनियाँ मिल गले कुछ पूंछती हैं कि … Continue reading

Posted in Uncategorized | Tagged | Leave a comment