Monthly Archives: January 2012

न होते आँखों में आँसू तो रिश्ते जल गए होते


न  होते आँखों में आँसू तो रिश्ते जल गए होते न पीती अश्क माँ, रिश्तों को रिश्ते खल गये होते है डसना धर्म जिनका पालतू बनते नही हैं वो नही तो आज घर घर सांप विषधर पल गये होते निडर हो … Continue reading

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कुछ पुराने पेड़ बाकी हैं अभी तक गाँव में


कुछ पुराने पेड़ बाकी हैं अभी तक गाँव में पीढ़ियों की ये निशानी हैं अभी तक गाँव में वक़्त रोने और हँसने का हमें मिलता नहीं छोरियाँ कजरी सुनाती हैं अभी तक गाँव में शादियों के जश्न में जेवनार पर समधी हँसे गालियाँ … Continue reading

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