Category Archives: Uncategorized

सज़ा के तौर पर दुनिया बसाना


सज़ा के तौर पर दुनिया बसाना गुनह कितना हसीं था सेब खाना रहा अव्वल तेरे हर इम्तिहां में खुदा अब बंद कर दे आजमाना चढ़े सूरज का मुस्तकबिल यही है किसी छिछली नदी में डूब जाना  दलीलें पेश करके थक चुका हूँ सुना … Continue reading

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हुआ है उनको ज़ुकाम साहिब


रुला रुला के जो मार डाले उसी के हाँथों निज़ाम साहिब मिलेगा मौका तो हम भी लेंगे शदीद तर इंतकाम साहिब हुआ नही है कभी जहाँ पर शरीफ़ का एहतिराम साहिब तो भूल कर भी किया नही है वहाँ पे मैंने … Continue reading

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न होते आँखों में आँसू तो रिश्ते जल गए होते


न  होते आँखों में आँसू तो रिश्ते जल गए होते न पीती अश्क माँ, रिश्तों को रिश्ते खल गये होते है डसना धर्म जिनका पालतू बनते नही हैं वो नही तो आज घर घर सांप विषधर पल गये होते निडर हो … Continue reading

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कुछ पुराने पेड़ बाकी हैं अभी तक गाँव में


कुछ पुराने पेड़ बाकी हैं अभी तक गाँव में पीढ़ियों की ये निशानी हैं अभी तक गाँव में वक़्त रोने और हँसने का हमें मिलता नहीं छोरियाँ कजरी सुनाती हैं अभी तक गाँव में शादियों के जश्न में जेवनार पर समधी हँसे गालियाँ … Continue reading

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कोंख में कविता


आज पूरी रात सो नही पायी मैं सुखाती रही गीले शब्दों को गर्म साँसों की आँच पर आंसुओं ने कर दिया था विद्रोह गिरते रहे टप टप टप भावों की भट्ठी पर बुझाते रहे सुलगते विचारों को और मैं लिख … Continue reading

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ये क्या हुआ कि आज बिखरने लगा हूँ मैं


ये क्या हुआ कि आज बिखरने लगा हूँ मैं आहट से खामुशी के भी डरने लगा हूँ मैं मंजिल की है खबर न किसी राह का पता अब कैसी मुश्किलों से गुजरने लगा हूँ मैं रहने लगा है साया मेरा … Continue reading

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नेक इंसान हर इन्सां को भला कहते हैं


नेक इंसान हर इन्सां को भला कहते हैं जो हैं कमज़र्फ, खुदा को भी बुरा कहते हैं आज इंसान कई खुद को खुदा कहते हैं ‘जाने क्या दौर है क्या लोग हैं क्या कहते हैं’ आज आँखों में शरारत सी … Continue reading

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